Sunday, March 29, 2015
Monday, February 16, 2015
Trees
पेड़ बचाओ, जीवन पाओ
* पेड़ बचेंगे तो बने रहेंगे हम...।
* वृक्ष धरा का आभूषण है करता दूर प्रदूषण है।
* बिना बात क्यों हार्न बजाएं ध्वनि प्रदूषण क्यों फैलाएं।
* अगर चाहिए लंबी आयु सेवन करें स्वच्छ जलवायु।
* वृक्षारोपण कार्य महान एक वृक्ष सौ पुत्र समान।
* पर्यावरण को स्वच्छ बनाएं रोगों को दूर भगाएं।
* हमारा शरीर पंच तत्व से बना है। इसमें जल, वायु, अग्नि पृथ्वी और आकाश शामिल हैं।
* पर्यावरण का स्वच्छ एवं सन्तुलित होना मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।
Saturday, February 14, 2015
कैंसर
कैंसर रोग का परिचय
नेता हो या अभिनेता, खिलाड़ी हो या आम जनता, रोग किसी को नहीं जानता। वह तो केवल रोगी की काया को जानता है और अपना कार्य करता रहता है जिसमें उसे कभी हार तो कभी जीत मिलती है। लेकिन रोग के कारण हार तो केवल इन्सान की ही होती है। हम बात करते हैं ऐसे असाध्य और गंभीर रोग कैंसर की जिसका नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हंै।
कैंसर रोग से पीड़ित व्यक्ति अपने जीवन जीने की उम्र का शीघ्र अंत मान कर जीते जी ही मरने का दुःस्वप्न देखने लगता है जिसके चलते रोगी की मानसिक, !ाारीरिक तथार् आिर्थक स्तर में निरन्तर गिरावट आना प्रांरभ हो जाता है। यदि कैंसर रोग का पता शुरू में नहीं चल पाता है तो कैंसर रोग शरीर में एक विषवृक्ष की तरह शीघ्र फैलता जाता है। तिष में कैंसर जैसे भयानक रोग की उत्पत्ति में कौन-कौन से ग्रहां का प्रभाव रहता है इसे जाना जा सकता है। ज्योतिष सृष्टि संचरण की घड़ी है एवं व्यक्ति की जन्म कुण्डली सोनोग्राफी है जिसके विष्लेषण से कैंसर रोग होने की संभावना का पता लगाया जा सकता है। यदि समय रहते प्रतिकूल ग्रहों को मंत्रों एवं अन्य उपाय से ठीक किया जाय तो कैंसर जैसे भयंकर रोग से काफी हद तक बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य
सही मार्गदर्शन
💥१. घर में सुबह सुबह कुछ देर के लिए भजन अवशय लगाएं ।
💥२. घर में कभी भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें, उसे पैर नहीं लगाएं, न ही उसके ऊपर से गुजरे अन्यथा घर में बरकत की कमी हो जाती है। झाड़ू हमेशा छुपा कर रखें |
💥३. बिस्तर पर बैठ कर कभी खाना न खाएं, ऐसा करने से बुरे सपने आते हैं।
💥४. घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखने चाहिए इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।
💥५. पूजा सुबह 6 से 8बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए । पूजा का आसन जुट अथवा कुश का हो तो उत्तम होता है |
💥६. पहली रोटी गाय के लिए निकालें । इससे देवता भी खुश होते हैं और पितरों को भी शांति मिलती है |
💥७.पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें जो जितना संभव हो ईशान कोण के हिस्से में हो |
💥८. आरती, दीप, पूजा अग्नि जैसे पवित्रता के प्रतीक साधनों को मुंह से फूंक मारकर नहीं बुझाएं।
💥९. मंदिर में धूप, अगरबत्ती व हवन कुंड की सामग्री दक्षिण पूर्व में रखें अर्थात आग्नेय कोण में |
💥१०. घर के मुख्य द्वार पर दायीं तरफ स्वास्तिक बनाएं।
💥११. घर में कभी भी जाले न लगने दें, वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है |
💥१२. सप्ताह में एकबार जरुर समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से घर में पोछा लगाएं | इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है |
💥१३. कोशिश करें की सुबह के प्रकाश की किरने आपके पूजा घर में जरुर पहुचे सबसे पहले |
💥१४. पूजा घर में अगर कोई प्रतिष्ठित मूर्ती है तो उसकी पूजा हर रोज निश्चित रूप से हो ऐसी व्यवस्था कर.
"पानी पिने का सही वक़्त".
(1) 3 गिलास सुबह उठने के बाद,
.....अंदरूनी उर्जा को एक्टिवेट
करता है...
(2) 1 गिलास नहाने के बाद,
......ब्लड प्रेशर का खात्मा करता है।
(3) 2 गिलास खाने से 30 मिनट पहले,
........हाजमे को दुरुस्त रखता है।
(4) आधा गिलास सोने से पहले,
......हार्ट अटैक से बचाता है।
कान्हादर्शन ज्योतिष केंद्र
आचार्य धीरेन्द्र
Wednesday, September 18, 2013
नवरात्रि
नवरात्रि
- श्री शैलपुत्री
- श्री ब्रह्मचारिणी
- श्री चंद्रघंटा
- श्री कुष्मांडा
- श्री स्कंदमाता
- श्री कात्यायनी
- श्री कालरात्रि
- श्री महागौरी
- श्री सिद्धिदात्री
नवरात्रि Navratri
नवरात्रि
- श्री शैलपुत्री
- श्री ब्रह्मचारिणी
- श्री चंद्रघंटा
- श्री कुष्मांडा
- श्री स्कंदमाता
- श्री कात्यायनी
- श्री कालरात्रि
- श्री महागौरी
- श्री सिद्धिदात्री
तुलसी Tulsi
तुलसी
Wednesday, November 21, 2012
श्रीराम चालीसा
।। श्रीराम चालीसा ।।
Saturday, November 10, 2012
बैकुण्ठ चतुर्दशी
।। बैकुण्ठ चतुर्दशी ।।
शयन, उपवेशन, नेत्रपाणि प्रकाशन, गमन, आगमन, सभा वास, आगम, भोजन, नृत्य लिप्सा, कौतुक, निद्रा-अवस्था-कथन
शयन , उपवेशन , नेत्रपाणि प्रकाशन , गमन , आगमन , सभा वास , आगम , भोजन , नृत्य लिप्सा , कौतुक , निद्रा-अवस्था-कथन शयनं चोपवेशं च नेत्र...
-
श्रीमद्भागवत् श्रीमद्भागवतं पुराण तिलकं यद्वैष्णवानां धनम्, यस्मिन् पारमहंस्यमेकममलं ज्ञानं परं गीयते। तत्र ज्ञान-विराग-भक्ति सहितं नैष्...
-
शयन , उपवेशन , नेत्रपाणि प्रकाशन , गमन , आगमन , सभा वास , आगम , भोजन , नृत्य लिप्सा , कौतुक , निद्रा-अवस्था-कथन शयनं चोपवेशं च नेत्र...
