Wednesday, 8 August 2012

श्रीकृष्ण का जीवन

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन क्रम
(श्रीमद्भागवत महापुराणविष्णुमहापुराणब्रह्मपुराणब्रह्मवैवर्त पुराणहरिवंशपुराणदेवी भागवत पुराण,
आदि पुराणगर्ग संहितामहाभारतऔर जैमिनी महाभारत के आधार पर)


ईशापूर्व
श्रीकृष्ण
संवत्
युधिष्ठिर
संवत्
आयु
तिथि/दिनाँक/वार
घटनाक्रम
3228



1

1

1
-

-

-
0

दिन

माह
भाद्रकृष्णाअष्टमी, 21 जुलाई बुधवार
भाद्रकृष्णा चतुर्दशी,
27 जुलाई मंगलवार
मार्गशीर्ष
मथुरा कंस के कारागार में माता देवकी के गर्भ से जन्म,
षष्ठी स्नानकंस की विषकन्या पूतना का वध

शकट-भाजन
3227

1
2
-
-
माह 20 दिन
वर्ष
मघ शुक्ला चतुर्दशी
-
अन्न प्राशन संस्कार,
तृणावर्त वध
3226
3
-
वर्ष
-
गर्गजी द्वारा नामकरण संस्कार
3225
3
-
वर्ष माह
चैत्र
यमलार्जुन (नलकूबर और मणिग्रीव) उद्धार
गेकुल से वृन्दावन जाना
3224
5
-
4वर्ष
-
वत्सासुर और बकासुर वध
3223
6
6
6
6
-
वर्ष
वर्ष
वर्ष दिन
वर्ष माह


भद्रपदकृष्ण-एकादशी
मार्गशीर्ष
अघासुर का वध
ब्रह्माजी का मान भंग करना
कालिय मर्दनदावाग्नि पान
गोपियों का चीर हरण
3222
6
-
वर्ष माह
ज्येष्ठ-आषाढ़
यज्ञपत्नियों पर कृपा
3221
8
8

8

8
-
वर्ष 2माह 7दिन
वर्ष 2माह

7वर्ष 2माह 14दिन

7वर्ष 2माह 18 दिन
कार्तिक शुक्ला प्रतिपदा
कार्तिक शुक्ला प्रतिपदा से सप्तमी
कार्तिक शुक्ला अष्टमी

कार्तिक शुक्ला द्वादशी
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन धारणइन्द्र का मान भंग

कामधेनु द्वारा अभिषेकभगवान का गोविन्द नाम नाम ाम पड़ना
नन्दजी का वरुणलोक से छुड़ाकर लाना
3220
9
-
वर्ष 1माह 21दिन
आश्विन पूर्णिमा
गेपियों के साथ रासलीला
3219
9
9
10
-
वर्ष 6माह 5दिन
वर्ष 6माह21दिन
वर्ष
पाल्गुल कृष्ण चतुर्दशी
पाल्गुन पूर्णिमा
-
सुदर्शन गंधर्व का उद्धार
शंखचूड़ दैत्य का वध
अरिष्टासुर (वृषभासुर) वधऔर केशी दैत्य का वधभगवान का केशव नाम पड़ना
3218
11
11
-
-
10वर्ष 2माह 20दिन
कार्तिकशुक्ला चतुर्दशी
कार्तिक पूर्णिमा
मथुरा में धनुष भंग
मथुरा में कंस वधकंस के पिता उग्रसेन का मथुरा के सिंहासन पर राज्याभिषेक
3217
12
-
11 वर्ष
-
अवन्तिका में सांदीपनि मुनि के गुरुकुल में 126 दिनों में छः अंगो सहित संपूर्ण वेदोंगजशिक्षाअश्वशिक्षा और धनुर्वेद का ज्ञान प्राप्त कियापंचजन्य दैत्य का वध एवं पांचजन्य शंख धारणसांदीपिन मुनि का गुरु दक्षिणा
3216
13
-
12 वर्ष
-
उपनयन संस्कार
3216-00
13-29
29
29
-
-
-
12-28
28 वर्ष
28 वर्ष

मथुरा में जरासन्ध को 17 बार पराजित किया सिंधु सागर में द्वारका नगरी की स्थापना
मथुरा में कालयवन की सेना का संहार
3199-91
30-38
-
29-37 वर्ष





-




कार्तिक कृष्णा चतुर्दशी
रुक्मिणी हरणद्वारका में रुक्मिणी से विवाहस्यमन्तक मणि प्रकरणजाम्बवतीसत्यभामा एवं कलिन्दी से विवाहकेकय देश की कन्या भ्द्रा से विवाहमद्रदेश की कन्या लक्ष्मणा से विवाह,
प्राग्जोतिषपुर में नरकासुर का वधनरकासुर की कैद से 16,100 कन्याओं को मुक्तकर स्वीकार कर द्वारका भेजनाअमरावती में इन्द्र से अदिति के कुण्डल प्राप्त कियेइन्द्रादि देवताओं को जीतकर पारिजात वृक्ष (कल्पवृक्ष) का द्वारका लानानरकासुर से छुड़ाई गई 16,100 कन्याओं से द्वारका में विवाह करनाशोणितपुर में बाणासुर से युद्धऊषा और अनिरुद्ध के साथ द्वारका लौटनापैण्ड्रककाशीराजउसके पुत्र सुदक्षिण और कृत्या का वधा तथा काशी दहन।
3190
39
-
38 वर्ष माह 17दिन

द्रौपदी स्वयंवर में पांचाल राज्य में उपस्थित
3189-83
40-46
-
39-45 वर्ष
-
विश्वकर्मा से कहकर पाण्डवों के लिये इन्द्रप्रस्थ का निर्माण
3157
72
-
71 वर्ष

सुभद्रा हरण में अर्जुन की सहायता करना
3155
74
-
73
श्रावण
इन्द्रप्रस्थ में खण्डव-वन दाह में अग्नि और अर्जुन की सहायतामय-दानव को सभा-भवन निर्माण के लिये आदेश
3153

76
-
75 वर्ष

75 वर्ष 2माह 20 दिन
75 वर्ष माह
-

कार्तिक शुक्ला चतुर्दशी
धर्मराज युधिष्ठिर से राजसूय यज्ञ के निमित्त इन्द्रप्रस्थ आगमन
जरासन्धवध में भीमसेन की सहायता
जरासन्ध के कारागार से 20,800 राजाओं को मुक्त कियामगध के सिंहासन पर जरासन्ध के पुत्र सहदेव का राज्याभिषेक
3152
76

75 वर्ष माह दिन
75 वर्ष माह
75 वर्ष 10माह 24दिन
75 वर्ष 11 माह
पाल्गुन शुक्ला प्रतिपदा

श्रावण कृष्णा तृतीया
श्रावण
राजसूय यज्ञ में अग्रपूजितशिशुपाल का वध,
द्वारका में शिशुपाल के भाई शाल्व का वध
प्रथम द्यूतक्रीडा में द्रौपदी की लज्जा रक्षा
वन में पण्डवों से भेंटसुभद्रा और अभिमन्यु को साथ ले द्वारका प्रस्थान।
3139









90


























89 वर्ष 1माह 17दिन

89 वर्ष माह






89 वर्ष 2माह 8दिन

89 वर्ष 2माह 19दिन
89 वर्ष 3माह
89 वर्ष 3माह

89 वर्ष 3माह 17दिन

89 वर्ष 4माह

आश्विन शुक्ला एकादशी

कार्तिक






कार्तिक शुक्ला द्वितीयारेवती नक्षत्रमैत्र मुहूर्त
कार्तिक शुक्ला त्रयोदशी
मार्गशीर्ष कृष्णा अष्टमी
मार्गशीर्ष कृष्णा अष्टमी से चतुर्दशी
मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी

मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी से पौष कृष्णा अमावस्या
अभिमन्यु और उत्तरा के विवाह में बारात लेकर विराट नगर पहुँचे
विराट  की राज्य सभा में कौरवों के अत्याचारों और पाण्डवों के धर्म-व्यवहार का वर्णन करते हुए किसी सुयोग्य दूत को हस्तिनापुर भेजने का प्रस्तावद्रुपद को सौंपकर द्वारका प्रस्थानद्वारका में दुर्योधन और अर्जुन दोनों की सहायता की स्वीकृतिअर्जुन का सारथ्य कर्म स्वीकार करना
पाण्डवों का संधि-प्रस्ताव लेकर हस्तिनापुर प्रस्थान
सन्धि प्रस्ताव लेकर हस्तिनापुर पहुँचे,
राजसभा में अपने विश्वरूप का प्रदर्शन
कर्ण को पाण्डवों के पक्ष में आने के लिये समझाना,
कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश
महाभारत युद्ध में अर्जुन के सारथीयुद्ध में पाण्डवों की अनेक प्रकार से सहायता
3138
90

90
90
-


1
89 वर्ष 4माह 7दिन

89 वर्ष 4माह 8दिन
89 वर्ष 7माह 7दिन
पौष शुक्ला प्रतिपदा

पौष शुक्ला द्वितीया
चैत्र शुक्ला प्रतिपदा
अश्वत्त्थामा को 3,000 वर्षों तक जंगल में भटकने का श्राप
गांधारी द्वारा श्राप प्राप्ति
धर्मराज युधिष्ठिर  का राज्याभिषेक
3137-36
91-92
2-3
91-92 वर्ष

धर्मराज युधिष्ठिर के अश्वमेध यज्ञ में सम्मिलित
3102
126
126
126
37
37
37
125वर्ष 4माह
125वर्ष माह
125वर्ष माह 21दिन
-
माघ
माघ शुक्ला पूर्णिमा 18 फरवरी शुक्रवार
द्वारका में यदुवंश का विनाश
उद्धवमुनि को उपदेश
प्रभाष क्षेत्र में स्वर्गारोहण 28वें कलियुग का प्रारम्भ।

कान्हादर्शन ज्योतिष केन्द्र — संस्थापक : आचार्य धीरेन्द्र
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